Introduction to Nervous System
PANCHKOSH SADHNA – Gupt Navratri 2021 – Online Global Class – 13 Feb 2021 (5:00 am to 06:30 am) – Pragyakunj Sasaram _ प्रशिक्षक श्री लाल बिहारी सिंह
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्|
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sᴜʙᴊᴇᴄᴛ: Introduction to Nervous System
Broadcasting: आ॰ नितिन आहूजा जी
आ॰ डा॰ शिवांगी सिंह जी
तंत्रिका तंत्र (the nervous system) हमारे द्वारा किए जाने वाले सभी कार्यों को नियंत्रित करता है, जिसमें साँस लेना (breathing), चलना (walking), सोचना (thinking) व महसूस करना feeling) शामिल है। यह प्रणाली हमारे मस्तिष्क (brain), रीढ़ की हड्डी (spinal cord) और हमारे शरीर की सभी नसों (nerves) से बनी होती है। मस्तिष्क नियंत्रण केंद्र (control centre) है और रीढ़ की हड्डी मस्तिष्क से आने-जाने का प्रमुख राजमार्ग (major highway) है।
तंत्रिका तंत्र (the nervous system) शरीर में प्रमुख नियंत्रण (controlling), विनियामक (regulatory) व संचार प्रणाली (communicating system) है। यह विचार (thought), सीखने (learning) और स्मृति (memory) सहित सभी मानसिक गतिविधियों (all mental activity) का केंद्र (centre) है। अंतःस्रावी तंत्र (the endocrine system) के साथ, तंत्रिका तंत्र होमोस्टैसिस को विनियमित करने (regulating) और बनाए रखने (maintaining) के लिए जिम्मेदार (responsible) है।
मनुष्य में तंत्रिका तंत्र (nervous system) मस्तिष्क (brain), रीढ़ की हड्डी (spinal cord), संवेदी अंगों (sensory organs) और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संचार चैनल (communication channels) के रूप में काम करने वाले सभी neurons (nerve cells) से बना होता है। इसके दो मुख्य भाग हैं:-
१. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (the central nervous system) मस्तिष्क (brain) और रीढ़ की हड्डी (spinal cord) से बना होता है।
(a) Brain:-
(i) Fore Brain – main thinking part of the brain and controls the voluntary actions. Cerebrum (the frontal lobe, the parietal lobe, the occipital lobe, and the temporal lobe), thalamus, hypothalamus, epithalamus, and subthalamus
(ii) Mid Brain – three main parts of the midbrain – the colliculi, the tegmentum, and the cerebral peduncles.
(iii) Hind Brain – three main parts of the hindbrain – pons, cerebellum, and medulla oblongata.
२. Peripheral nervous system तंत्रिकाओं से बना होता है जो रीढ़ की हड्डी से हटकर शरीर के सभी हिस्सों तक फैलता है:-
(a) Autonomic nervous system:-
(i) Sympathetic nervous system
(ii) Parasympathetic nervous system
(b) Somatic nervous system:-
(i) Sensory nerves
(ii) Motor nerves
Brain Waves – ब्रेनवेव मस्तिष्क में विद्युत आवेग (electric impulses) हैं। हमारे मस्तिष्क के विभिन्न आवृत्तियां (frequencies) होती हैं। कुछ तेज (fast) हैं और कुछ धीमी (slow) हैं। इन EEG bands के नाम delta, theta, alpha, beta, and gamma हैं।
Meditation के अभ्यास से हम आवश्यकतानुसार अपनी brain की frequency set कर सकते हैं।
Thalamus. थैलेमस मस्तिष्क की एक छोटी सी संरचना है जो मस्तिष्क के भीतर cerebral cortex और mid brain के बीच brain stem के ठीक ऊपर स्थित होती है। थैलेमस का कार्य Motor & sensory signals को रिले करना है।
Hypothalamus. हाइपोथैलेमस का एक main function तंत्रिका तंत्र (nervous system) को पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland) के माध्यम से अंतःस्रावी तंत्र (endocrine system) से जोड़ना है।
Pituitary gland. पिट्यूटरी ग्रंथि एक छोटी मटर के आकार की ग्रंथि है जिसका प्रमुख कार्य regulating vital body functions and general wellbeing है। इसे शरीर की ‘master gland’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह अधिकांश other hormone – secreting glands की गतिविधि को नियंत्रित (control) करता है।
Cerebellum. located near the brainstem. responsible for coordinating voluntary movements. also responsible for a number of functions including motor skills such as balance, coordination, and posture.
Diet (आहार) भी हमारे nervous system पर कैसे प्रभाव डालता है उसके विज्ञान को समझाया गया है @ जैसा अन्न वैसा मन।
प्राणायाम के प्रभाव को medically define किया गया है।
लाल बिहारी बाबूजी, शिक्षक वृंद व समस्त पंचकोश साधकों को नमन व आभार है जो अध्यात्म को गायत्री पंचकोशी साधना के रूप में जन जन तक पहुंचा रहे हैं। अध्यात्म विज्ञान, भौतिक विज्ञान से कहीं आगे है अर्थात् इनका controller/ master है।
प्रश्नोत्तरी सेशन
Brain की memory, brain के frequency पर निर्भर करती है अर्थात् उसकी आवृत्ति हमारे समक्ष कितनी बार हुई है। इसलिए बारंबार दुहराने से याद हो जाती हैं।
बाल्यकाल में जिन प्रश्न solve करने में माथापच्ची करनी पड़ी वो आज तक स्मरण में हैं। संघर्ष स्मृति (memory) को मजबूत बनाती हैं।
किसी भी गुण, कर्म व स्वभाव के व्यक्ति श्रद्धा, प्रज्ञा व निष्ठा की साधना से ओजस्वी तेजस्वी व मनस्वी बन सकते हैं। योग्यता पूर्ण श्रमशीलता के साथ तन्मयता/ मनोयोग भी हमें ध्यान की गहराइयों तक ले जाता है।
उबासी, जम्हाई आदि reticular activity system से control होता है। Interest के अभाव अथवा शारीरिक थकान की वजह से भी जम्हाई/ उबासी आ सकती है।
बाल्यकाल में सीखने की शक्ति तीव्रतम होती है क्योंकि कागज (neurons) कोरा होता है। जब घड़ा कच्चा होता है तब उसे मनमुताबिक ढाला जा सकता है। पकने के बाद संभव नहीं बन पड़ता। सही समय पर उचित पोषण से अभिवृद्धि तेज होती हैं। हालांकि मानव शरीर @ पंचकोश – ऋद्धि सिद्धि का खजाना है। जब जागें तभी सबेरा – १९ पंचकोशी क्रियायोग के माध्यम से आध्यात्मिक कायाकल्प किया जा सकता है।
Childhood में सीखने की प्रक्रिया तीव्रतम होने के साथ जल्दी भूलना भी होता है इसका कारण neurons का mature ना होना है।
प्रश्नोत्तरी सेशन विद् श्रद्धेय लाल बिहारी बाबूजी
Mind के दो parts – Conscious & Unconscious (Sub + Super) हैं। गुरुदेव रचित पुस्तक ‘प्राणायाम से आधि व्याधि के निवारण’ आज के वैज्ञानिकों का शोध विषय होना चाहिए।
जन्म जन्मान्तरों के संस्कार (अच्छे/बुरे), अंतःकरण में संचित रहते हैं। अतः cleaning & healing @ तप व योग @ गायत्री पंचकोशी साधना से आगे की यात्रा बढ़ाई जा सकती है।
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः।।
Writer: Vishnu Anand
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